हैदराबाद गैंगरेप के चारों आरोपी मारे गए, भागने की कोशिश कर रहे चारों का पुलिस ने किया एनकाउंटर
आवाम-ए-अजीज (हिन्दी साप्ताहिक)
हैदराबाद गैंगरेप को चारों आरोपी मारे गए हैं. तेलंगाना पुलिस ने चारों आरोपियों का एनकाउंटर कर दिया है. बताया जा रहा है कि पुलिस इन चारों लोगों को वारदात की जगह ले जा रही थी, जहां से इन चारों लोगों ने भागने की कोशिश की. इसके बाद पुलिस ने चारों आरोपियों का एनकाउंटर कर दिया.
हैदराबाद गैंगरेप को चारों आरोपी मारे गए हैं. तेलंगाना पुलिस ने आरोपियों का एनकाउंटर कर दिया है. बताया जा रहा है कि पुलिस इन चारों लोगों को घटना के रिकंस्ट्रक्शन के लिए वारदात की जगह ले जा रही थी, जहां से इन चारों लोगों ने भागने की कोशिश की. इसके बाद पुलिस ने चारों आरोपियों का एनकाउंटर कर दिया चारो आरोपी 10 दिन के लिए पुलिस रिमांड में थे. 4 दिसंबर को इस केस की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट ट्रेक कोर्ट का भी गठन किया गया था. इन चारों आरोपियों का नाम शिवा, नवीन, केशवुलू और मोहम्मद आरिफ था.
नवंबर की घटना से हिल गया था देश
बतादें कि हैदराबाद के बाहरी इलाके शमशाबाद में 27 नवंबर की रात को चार ट्रक ड्राइवरों और क्लीनर ने मिलकर महिला डॉक्टर के साथ गैंगरेप और पेट्रोल जलाकर मारने जैसे अपराध को अंजाम दिया था. इस घटना के बाद से दोषियों को जल्द से जल्द फांसी की मांग को लेकर देश भर में प्रदर्शन हो रहे थे.
क्या होता है घटना का रिकंस्ट्रक्शन?
बता दें कि पुलिस केस की छानबीन और सबूत जुटाने के लिए वारदात की जगह पर 'वारदात कैसे घटी' या 'वारदात को कैसे अंजाम दिया गया' इसके लिए घटना का रिकंस्ट्रक्शन करती है. वारदात की जगह आरोपियों को भी ले जाया जाता है ताकि वह बताए कि उन्होंने वारदात को कैसे अंजाम दिया. पुलिस ये सब इसलिए करती है ताकि उसकी तरफ से केस मजबूत हो और वह अदालत में केस से जुड़े सभी पहलुओं को रख सके.
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