जानिए- 15 अगस्त और 26 जनवरी को झंडा फहराने में क्या है अंतर और उनकी वजह
संपादकीय [आवाम-ए-अज़ीज़ हिंदी साप्ताहिक]। 73वें स्वतंत्रता दिवस समरोह की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से तिरंगा लहराकर उसे नमन करेंगे। इसके साथ ही समारोह की शुरूआत होगी। प्रत्येक साल स्वतंत्रता दिवस इसी तरह से लाल किले पर मनाया जाता है। वहीं गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के मौके पर राजपथ पर राष्ट्रपति तिरंगा फहराकर उसे नमन करते हैं। क्या आप जानते हैं दोनों राष्ट्रीय समारोह के स्थल अलग-अलग क्यों हैं? दोनों दिवस पर झंडा फहराने में क्या अंतर है? ध्वजारोहण और ध्वज फहराना 15 अगस्त के दिन देश को आजादी मिली थी। इसी दिन ब्रिटिश झंडे को उतारकर भारतीय ध्वज को ऊपर चढ़ाया गया और फहराया गया था। झंडे को नीचे से ऊपर ले जाकर फहराने की इस प्रक्रिया को ध्वजारोहण (Flag Hoisting) कहते हैं। इसलिए 15 अगस्त को ध्वजारोहण किया जाता है। वहीं 26 जनवरी को हमारा संविधान लागू हुआ था। इसलिए उस दिन पहले से ऊपर बंधे झंडे को केवल फहराया (Flag Unfurling) जाता है। प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति 15 अगस्त के दिन प्रधानमंत्री ध्वजारोहण करते हैं। वहीं 26 जनवरी को राष...