नागरिकता कानून को लेकर हुई हिंसा के दौरान दिल्ली में एक पुलिसकर्मी समेत 5 लोगों की मौत
नई दिल्ली: दिल्ली के जाफराबाद में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों के बीच रविवार को शुरू हुआ हंगामा सोमवार को और हिंसक हो गया. नागरिकता कानून के विरोधियों और समर्थकों के बीच हिंसक झड़पें हुईं जिसमें एक पुलिस कॉन्सटेबल समेत 5 लोगों की मौत हो गई. भजनपुरा के पास चांदबाग में रतनलाल नाम के हेड कॉन्सटेबल की मौत हो गई है. वहीं, मोहम्मद फुकरान की भी गोली लगने से जान चली गई. साथ ही हिंसा में शाहदरा के डीसीपी अमित शर्मा भी घायल हो गए हैं. इसके साथ-साथ क़रीब 50 पुलिसवालों के घायल होने की ख़बर है. नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में 10 जगहों पर पुलिस ने धारा 144 लगाई है साथ ही जाफराबाद और आसपास के कई मेट्रो स्टेशनों को भी बंद कर दिया गया है. वहीं, उत्तर पूर्वी दिल्ली में हिंसा के बाद खजूरी खास इलाके में सुरक्षाबलों को जाफराबाद हिंसा को लेकर गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी का भी बयान आया है. गृह राज्यमंत्री ने कहा कि यह भारत की छवि को खराब करने की कोशिश है. सरकार इससे सख्ती से निपटेगी.
नागरिकता कानून के विरोधियों और समर्थकों के बीच हिंसक झड़पें हुईं जिसमें एक पुलिस कॉन्सटेबल समेत पांच लोगों की मौत हो गई.
खास बातें
- हिंसा में दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्सटेबल समेत 4 की मौत
- गोकुलपुरी थाने में थी हेड कॉन्सटेबल रतनलाल की तैनाती
- मौके पर अर्धसैनिक बल के जवानों को किया गया तैनात
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को उपराज्यपाल अनिल बैजल और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के विरोध और समर्थन के दौरान उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कुछ हिस्सों में हिंसा के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बहाल करने का अनुरोध किया है. उन्होंने ट्वीट किया, 'दिल्ली के कुछ हिस्सों में शांति-व्यवस्था में गड़बड़ी की बहुत परेशान करने वाली खबरें आ रही हैं. मैं माननीय उपराज्यपाल और केंद्रीय गृह मंत्री से शांति और सौहार्द सुनिश्चित करते हुए कानून-व्यवस्था बहाल किए जाने का अनुरोध करता हूं. किसी को भी माहौल खराब करने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए.'
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