राजधानी लखनऊ में तीन व्यक्तियों में मिले कोरोना वायरस के लक्षण
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कोरोना वायरस के तीन संदिग्ध मरीज सामने आए हैं। मरीजों के नमूने लेकर जांच के लिए केजीएमयू और पुणे भेज दिया गया है।
केजीएमयू प्रशासन ने एक मरीज की जांच की और बताया जांच में वायरस नेगेटिव आया है।
2 फरवरी को थाईलैंड से लौटे चौक निवासी एक महिला (40) और एक पुरूष (45 ) को जुकाम,खाँसी, गले में खराश आदि दिक्कतें हैं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इन मरीजों को संदिग्ध मानते हुए उनके घर जाकर नमूने लिये।
ऐसे ही कैसरबाग का निवासी एक व्यक्ति 3 फरवरी को चीन से लौटा था।
सीएमओ नरेंद्र अग्रवाल के मुताबिक इन लोगों ने जांच करवाने के लिए खुद ही सीएमओ कार्यालय से संपर्क किया और जांच करने के लिए कहा।
स्वास्थ विभाग की टीम ने इनलोगों के नमूने लेकर जांच के लिए केजीएमयू और पुणे भेज दिया है।
इसमें से एक मरीज की जांच केजीएमयू में हुई थी, जिसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है।
इन पीड़ितों को इनके ही घर में आइसोलेशन में रखा गया है और परिवारीजनों को पीड़ितों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है और साथ ही बचाव के लिए सभी जरूरी उपाय करने को कहा गया है।
सभी मरीज लगातार स्वास्थ्य विभाग टीम की निगरानी में हैं।
भारत सरकार ने कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर मास्क व मेडिकल के उपकरणों के निर्यात का रोक लगा दी है।
कोरोना वायरस के बचाव में मददगार मास्क, मेडिकल के खास कपड़े व व्यक्तिगत सुरक्षा के खास उपकरणों की किल्लत को देखते हुए भारत सरकार ने यह अहम कदम उठाया है और भारत सरकार ने अन्य सामानों की निर्यात पर भी रोक लगा दी है।
इस संबंध में विदेश व्यापार महानिदेशक अमित यादव ने अधिसूचना जारी की है। चीन में संक्रमण फैलने की वजह से मास्क व मेडिकल के अन्य सर्जिकल सामान का उत्पादन प्रभावित है।
चीन में मास्क का निर्माण कई फैक्ट्रियों ने ठप दिया है, जिससे चीन समेत अन्य कोरोना प्रभावित देशों में मास्क और मेडिकल उपकरणों की मांग बढ़ गई है।
भारत चीन से बड़े पैमाने पर मास्क, ग्लब्स, सिरिंज,व सेनेटाइजर आदि की आयात करता है। ऐसे में आयात रुकने से भारत में भी मास्क व कोरोना वायरस की जांच के वक्त पहने जाने वाले खास कपड़े पीपीई की किल्लत शुरू हो गई है।
भारत सरकार ने इस कोरोना वायरस के संक्रमण से निपटने के लिए मास्क व सभी प्रकार के मेडिकल उपकरणों
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