उस काम को करते हुए हमने एक कमाल ख़ान को देखा और सुना है. जिसे जानना इसलिए भी ज़रूरी है ताकि पता चले कि कमाल ख़ान अहमद फराज़ और हबीब जालिब के शेर सुन कर नहीं बन जाता है. Published : January 14, 2022 Awam A Aziz hindi weekly लखनऊ उन्होंने केवल पत्रकारिता की नुमाइंदगी नहीं की, पत्रकारिता के भीतर संवेदना और भाषा की नुमाइंदगी नहीं की, बल्कि अपनी रिपोर्ट के ज़रिए अपने शहर लखनऊ और अपने मुल्क हिन्दुस्तान की भी नुमाइंदगी की. कमाल का मतलब पुराना लखनऊ भी था जिस लखनऊ को धर्म के नाम पर चली नफ़रत की आंधी ने बदल दिया. वहां के हुक्मरान की भाषा बदल गई. संवैधानिक पदों पर बैठे लोग किसी को ठोंक देने या गोली से परलोक पहुंचा देने की ज़ुबान बोलने लगे. उस दौर में भी कमाल ख़ान उस इमामबाड़े की तरह टिके रहे, जिसके बिना लखनऊ की सरज़मीं का चेहरा अधूरा हो जाता है. कमाल खान साहब की फाइल फोटो उस लखनऊ से अलग कर कमाल ख़ान को नहीं समझ सकते. कमाल ख़ान जैसा पत्रकार केवल काम से जाना गया लेकिन आज के लखनऊ में उनकी पहचान मज़हब से जोड़ी गई. सरकार के भीत...
आवाम ए अज़ीज़ हिन्दी साप्ताहिक इटावा/सैफई - हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद जी के जन्म दिवस पर मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स कॉलेज सैफई में समस्त कर्मचारियों द्वारा उनके चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित करके उनके जन्म दिवस को मनाया गया मेजर ध्यान चंद स्पोर्ट्स कॉलेज मैं उनके संपूर्ण जीवन पर गोष्ठी भी की गई हॉकी प्रशिक्षक डॉ मो जियाउर्रहमान ने उनके खेल जीवन पर प्रकाश डाला डॉक्टर मोहम्मद जियाउर्रहमान हॉकी प्रशिक्षक और उनके खेल उपलब्धियों के बारे में सभी को बताया कहा कि उनका संपूर्ण जीवन हॉकी खेल को ही समर्पित था हॉकी प्रशिक्षक डॉ मो जियाउर्रहमान ने यह भी बताया कि हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद जिनका जन्म 29 अगस्त 1905 इलाहाबाद प्रयागराज में हुआ वह भारतीय सेना के एक सिपाही थे उन्होंने गुलाम भारत में जहां खेलों में बहुत आभाव था अंग्रेजों की हुकूमत थी उस समय 1928 1932 1936 के ओलंपिक में भारत को स्वर्ण पदक दिला कर देश का झंडा विदेश में ऊंचा किया और देश को गौरवान्वित किया भारत सरकार ने उन्हें मेजर की उपाधि दी और उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया उनका निधन 3 दिसंबर 1979 को दिल्ली मे...
आवाम ए अज़ीज़ हिंदी साप्ताहिक गुजरात : गुजरात के मोरबी में मच्छु नदी पर बने केबल ब्रिज के अचानक टूट जाने से कई लोग नदी में गिर गए. हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. इस हादसे में मरने वालों की संख्या 141 पहुंच गई है गुजरात के मोरबी में रविवार शाम बड़ा हादसा हो गया. यहां मच्छु नदी में बना केबल ब्रिज अचानक टूट जाने से कई लोग नदी में गिर गए. मोरबी सिविल अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक हादसे में मरने वालों की संख्या 141 पहुंच गई है. घायलों की संख्या 70 बताई जा रही है, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बचे हुए लोगों को नदी से निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. अब भी 50 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं. यह ब्रिज रिनोवेशन के बाद हाल ही में चालू किया गया था. गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की. उन्होंने ब्रिज के टूटने के बाद एक समीक्षा बैठक भी की, जिसमें उनकी कैबिनेट के मंत्री, सांसद, विधायक और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारी शामिल थे. इस दौरान स्थिति की समीक्षा की गई. घटना की ज...
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