लॉक डाउन के बाद 4 दिनों में 200 किमी पैदल सफर, घर को लौट रहे झारखंड के मजदूर
अंबिकापुर। झारखंड आवाम ए अजीज हिंदी साप्ताहिक प्रदेश भर में लॉक डाउन के बाद काम करने दूसरे इलाके में गए मजदूरों को अपने घर लौटने में कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ इसी तरह की परेशानियों से जूझते हुए झारखंड राज्य के नगर उंटारी इलाके के 6 मजदूरों को वापस अपने घर पैदल लौटना पड़ रहा है। बिलासपुर से लगे रतनपुर में एनएच निर्माण में लगे ये मजदूर लॉक डाउन के बाद जब वाहन सुविधा बंद हो गई तो वे पैदल ही घर के लिए निकले। पहले करीब 200 किलोमीटर का पैदल सफर चार दिनों में तय कर अंबिकापुर पहुंचे।
अंबिकापुर से रामानुजगंज जाते वक्त इन मजदूरों को एक वाहन सवार ने मानवता दिखाते हुए लिफ्ट दे दी। गुरुवार रात जब ये मजदूर रामानुजगंज पहुंचे तो उन्होंने वहां के लोगों को अपनी आपबीती बयां की। यहां कुछ देर ठहर कर सभी मजदूर फिर से पैदल ही नगर उंटारी की ओर निकल गए।
रामानुजगंज के नगरपालिका चौक के पास नईदुनिया से चर्चा करते हुए झारखंड राज्य के अंतर्गत नगर उंटारी के मजदूर मुन्नाा प्रसाद, मुनेश्वर सिंह, विकेश, राजेश, किशोरीलाल, रंजीत सिंह ने बताया कि कटघोरा से बिलासपुर तक नेशनल हाईवे का निर्माण चल रहा है। वे सभी रतनपुर के खुटाघाट के पास काम में लगे हुए थे। कोरोना वायरस के संक्रमण के बाद हम लोगों ने सोचा कि सड़क निर्माण कार्य बंद नहीं होगा, परंतु कार्य बंद होने से हम लोगों के सामने घर लौटने की समस्या खड़ी हो गई
22 मार्च को जनता कर्फ्यू के बीत जाने के बाद 23 मार्च की सुबह सभी पैदल अंबिकापुर के लिए निकले। 26 मार्च की सुबह अंबिकापुर पहुंचे। वाहनों का आना-जाना बंद होने के कारण वे नगर उंटारी जाने के लिए फिर से पैदल निकले, लेकिन रास्ते में एक टाटा मैजिक वाहन के चालक ने मानवता का परिचय देते हुए सभी को अपनी गाड़ी में बैठा लिया और बिना पैसे लिए रामानुजगंज छोड़ दिया। यहां से सभी मजदूर पैदल ही नगर उंटारी के लिए निकल गए। मजदूरों ने बताया कि वे शुक्रवार शाम तक अपने घर पहुंच जाएंगे।
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