लापरवाही की हद: कोरोना पॉजिटिव की जगह, निगेटिव को करा दिया अस्पताल में भर्ती
आवाम ए अजीज हिंदी साप्ताहिक
गोरखपुर सहयोगी गोरखपुर में कोरोना संक्रमितों के इलाज में लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कोरोना निगेटिव को पॉजिटिव मरीजों के वार्ड में भर्ती कर दिया। जबकि पॉजिटिव आए मरीज को सामान्य मरीजों के साथ सामान्य वार्ड में रखा। दोनों मरीजों के नाम में काफी समानता है। हालांकि एक पीपीगंज का है जबकी दूसरा बेलघाट का। विभाग को अपनी चूक का पता 24 घंटे बाद चला। अब पॉजिटिव को आनन-फानन में भी बीआरडी भेजा गया है। शुक्रवार की शाम को बीआरडी में भर्ती नेगेटिव को वापस टीबी अस्पताल में लाकर क्वारंटीन कर दिया गया।
बताया जाता है कि गुरुवार को मुम्बई से लौटे चार युवक कोरोना पॉजिटिव निकले। इनमें से एक युवक बेलघाट के शाहपुर का बताया जा रहा था। शासन को उसके नाम की रिपोर्ट भेजी गई। गुरुवार को पॉजिटिव मिले चारों युवकों को बीआरडी मेडिकल कालेज में इलाज के लिए भर्ती करा दिया गया। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पता चला कि शाहपुर वाला युवक नेगेटिव है। जबकि उसी के नाम जैसा एक दूसरा युवक पॉजिटिव है। दूसरा युवक पीपीगंज का रहने वाला है । इस खुलासे के बाद अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए।
प्रशासन के आला अधिकारी टीबी अस्पताल पहुंचे। शुक्रवार को स्पेशल टीम बनाकर पीपीगंज वाले युवक को बीआरडी में भर्ती कराया गया। वहीं पहले से भर्ती शाहपुर वाले युवक को वापस टीबी अस्पताल लाकर क्वारंटीन कर दिया गया।
एक जैसा नाम होने के कारण हुई चूक
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दोनों युवकों के नाम करीब-करीब एक जैसे हैं। शाहपुर वाले युवक के तीन साथी पॉजिटिव आए थे। इसी में कन्फ्यूजन हो गया। इसी कन्फ्यूजन के कारण उसे बीआरडी में भर्ती करा दिया गया।
नौ मई को मुम्बई से लौटा है पीपीगंज वाला युवक
बताया जा रहा है कि पीपीगंज वाला युवक नौ मई को मुम्बई से लौटा है। पीपीगंज के बढ़नी निवासी 50 वर्षीय व्यक्ति की मुम्बई में मौत हो गयी। उसके शव को लेकर युवक तीन अन्य साथियों के साथ एम्बुलेंस से लौटा। तभी से टीबी अस्पताल में क्वारंटीन है।
शाहपुर में चल रहा सैनेटाइजेशन, परिवार के 12 लोग क्वारंटीन
बेलघाट के शाहपुर के युवक के कथित पॉजिटिव आने के बाद से गुरुवार से ही प्रशासन एक्शन में है। गांव में सैनेटाइजेशन व सर्वे कराया जा रहा है। इसके अलावा युवक के परिवार के 12 सदस्यों को टीबी अस्पताल में लाकर क्वारंटीन कर दिया गया है।
एक जैसे नाम होने के कारण कुछ कन्फ्यूजन हुआ है। इसको देखवाया जा रहा है। यह चूक कैसे हुई इसका पता लगाया जा रहा है।
डॉ. श्रीकांत तिवारी, सीएमओ
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद तैयार एंट्री कॉलम में गड़बड़ी की वजह से ऐसी चूक हुई। पूरे मामले में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से जानकारी मांगी है। कोरोना से जुड़ा हर मामला बहुत संवेदनशील है, इसमें हड़बड़ी या फिर किसी भी वजह से कोई चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जयंत नार्लीकर, कमिश्नर
मै समझाता रहा, किसी ने नहीं सुनी
कोरोना पॉजिटिव के साथ 24 घंटे गुजारने वाले बेलघाट के युवक ने आपबीती बताई। युवक ने बताया वह गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को समझाता रहा कि पॉजिटिव ववाली रिपोर्ट में जो नाम लिखा है वह मेरा नहीं है। लेकिन किसी ने मेरी सुनी नहीं। उन्होंने मुझे जबरन तीन पॉजिटिव लोगों के साथ एम्बुलेंस में बैठा कर बीआरडी भेज दिया। वहां हम सभी एक ही वार्ड में भर्ती रहे। शुक्रवार की सुबह 10.30 बजे एक डॉक्टर आए और कहा कि तुम निगेटिव हो। इसके बाद मुझे उसी भवन के दूसरे हिस्से में ले जाया गया। शाम को वापस टीबी अस्पताल लाया गया। इस चूक के कारण मेरे चार साल के बेटे समेत परिवार के 17 लोगों को गांव से टीबी अस्पताल स्वास्थ्य विभाग उठवा लाया। अब सब यहीं हैं।
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