20 जून से शुरू हो सकती है दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिले की प्रक्रिया

आवाम ए अजीज हिन्दी साप्ताहिक 



दिल्ली विश्वविद्यालय में बुधवार को हुई स्थायी समिति की बैठक में दाखिला की तिथि और नियमों को लेकर चर्चा हुई। डीयू में स्नातक दाखिला के लिए ऑनलाइन आवेदन की संभावित तिथि 20 जून से 4 जुलाई तक निर्धारित की गई है और पहली कटऑफ के दाखिले 11 से 15 अगस्त के बीच होंगे।



सीबीएसई के परीक्षा परिणाम के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय एक बार फिर छात्रों के अंक अपडेट करने या आवेदन में संशोधन करने के लिए पोर्टल खोलेगा। जल्द ही डीयू इसकी विधिवत घोषणा करेगा। इसके अलावा डीयू की स्थायी समिति ने अन्य प्रमुख बिंदुओं पर अपनी सहमति दी है। अब एक कटऑफ के तहत दाखिला लेने वाला छात्र निर्धारित समय में अपना दाखिला रद कराकर दूसरे कॉलेज में दाखिला नहीं ले सकता है।


हालांकि डीयू के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी और सीबीएसई के परीक्षा परिणाम पर डीयू दाखिला की तिथियां निर्भर करती हैं


स्पोर्ट्स और ईसीए के दाखिले प्रमाणपत्र के आधार पर : डीयू इस बार कोविड-19 से उपजी स्थिति को लेकर डीयू स्पोर्ट्स और ईसीए का ट्रायल इस बार नहीं कराएगा। डीयू में 5 फीसद सीटें स्पोर्ट्स और ईसीए के लिए आरक्षित होती हैं। इस बार केवल प्रमाणपत्र के आधार पर दाखिला दिया जाएगा। ईसीए में केवल एनसीसी और एनएसएस के दाखिले होंगे। डीयू के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि परफार्मेंस आधारित ट्रायल कठिन है क्योंकि सोशल डिस्टेंसिंग सहित अन्य कई पहलुओं पर ध्यान देना होगा इसलिए इस बार इसे रद किया गया है। डीयू सभी कॉलेजों को अप्रूव बोर्ड की सूची सौंपेगा जिसके माध्यम से कॉलेज दाखिला कराएंगे। इसके अलावा बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि ओबीसी नॉन क्रीमीलेयर का छात्र बार-बार अपनी जाति प्रमाणपत्र बनवाकर नहीं लाएगा।


ये निर्णय हैं महत्वपूर्ण डीयू स्थायी समिति के सदस्य डॉ. अरुण कुमार अत्री ने बताया कि बैठक में कई विषयों पर सकारात्मक चर्चा हुई। बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि एप्लाएड मैथमेटिक्स और स्टैंडर्ड मैथमेटिक्स को अब लिस्ट बी में जोड़ा जाएगा। इसलिए यदि इन दोनों मैथ के साथ यदि कोई अपनी कटऑफ जोड़ता है तो उसकी कटऑफ से 2.5 फीसद की कटौती नहीं होगी। कॉलेज मांग सकता है ई-मेल आईडी व फोन नंबर बैठक में कहा गया कि यदि कोई छात्र ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के तहत अपने प्रमाणपत्र जमा कर चुका है और वह कॉलेज द्वारा अप्रूव हो चुका है तो उसे वह मानना पड़ेगा बशर्ते कि वह फर्जी न हो। इसके साथ ही बैठक में कहा गया कि कॉलेज छात्र से अतिरिक्त ईमेल आईडी व फोन नंबर मांग सकता है। इस पर समिति के सभी सदस्य सहमत हो गए।


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