अनामिका शुक्ला केस: कासगंज में मास्टरमाइंड का शिक्षक भाई गिरफ्तार, निकला BA फेल

सहयोगी आवाम ए अजीज हिन्दी साप्ताहिक 


कासगंज। कासगंज के बहुचर्चित शिक्षिका अनामिका शुक्ला उर्फ सुप्रिया सिंह प्रकरण में पुलिस ने गुरुवार को मास्टरमाइंड राज उर्फ नीटू के भाई को जनपद मैनपुरी से गिरफ्तार किया है। पूछताछ में जो तथ्य सामने आए हैं वह चौंकाने वाले हैं। आरोपित भाई भी अपने ही जनपद के एक शिक्षित युवक के फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शिक्षक पद पर नौकरी कर रहा है। वर्ष 2015 से जनपद कन्नौज में शिक्षक के रूप में तैनात आरोपित अब प्रधानाध्यापक पद पर प्रोन्नत हो चुका है।



पुलिस अधीक्षक सुशील घुले ने गुरुवार की दोपहर सोरों कोतवाली में प्रेस वार्ता के दौरान यह जानकारी देते हुए बताया कि छह मई को कासगंज विकासखंड क्षेत्र के ग्राम फरीदपुर में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में पूर्णकालिक विज्ञान वर्ग की शिक्षिका के रूप में तैनात अनामिका शुक्ला उर्फ सुप्रिया सिंह के मामले में मास्टरमाइंड राज उर्फ नीटू की तलाश में कई टीमें गठित की गई। टीमों ने मैनपुरी, फर्रुखाबाद, कन्नौज सहित कई जनपदों में खोजबीन की। इसके बाद नीटू के मैनपुरी भोगांव निवासी जसवंत को गिरफ्तार किया है।


पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पकड़ा गया आरोपित भी कन्नौज में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शिक्षक के रूप में तैनात है। आरोपित ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया है कि उसने हसनपुर मोटा निवासी विभव कुमार के 10 नकली दस्तावेजों के आधार पर पूर्व माध्यमिक शिक्षा विद्यालय रामपुर बरौली थाना इंदरगढ़ ब्लॉक हरसेन जनपद कन्नौज में 22 सितम्बर 2015 को फर्जी शिक्षक के रूप में नियुक्ति पाई है।


वर्तमान में उसकी पदोन्नति हो चुकी है अब वह इसी विद्यालय में प्रधान अध्यापक के पद पर तैनात है। उसने खुलासा किया है कि अपने भाई पुष्पेंद्र के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में प्राइमरी विद्यालयों एवं कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में तमाम लोगों को फर्जी डिग्रियों के आधार पर नियुक्तियां दिलाई हैं। 


आरोपित जसवंत ने कबूला है कि लगभग दो वर्ष पूर्व उसके भाई से सुप्रिया सिंह की जान पहचान हुई थी। इसके बाद सुप्रिया सिंह को अनामिका शुक्ला के नाम के फर्जी दस्तावेज डेढ़ लाख रुपये की कीमत में बेचे गए थे। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर सुप्रिया सिंह की कासगंज विकासखंड के ग्राम फरीदपुर में स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में तैनाती सुनिश्चित कराई गई थी।


आरोपित युवक ने बताया कि कासगंज जनपद की एकमात्र सुप्रिया उर्फ अनामिका शुक्ला ही फर्जी शिक्षिका के रूप में उनके द्वारा शिक्षा विभाग में नियुक्त नहीं कराई गई है। बल्कि पूरे प्रदेश भर के विभिन्न जनपदों में उनके द्वारा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर तमाम शिक्षकों की नियुक्तियां कराई गई है। यदि इस मामले का खुलासा होता है तो सैकड़ों लोग फर्जी शिक्षक के रूप में सामने आएंगे। 


गंभीर धारों में केस दर्ज


बेसिक शिक्षा अधिकारी अंजली अग्रवाल के अनुसार अनामिका शुक्ला के मूल दस्तावेजों में धुंधली फोटो भी इस कॉकस की मददगार बनी. साक्षात्कार के दौरान यह फोटो देखी जाती है, लेकिन धुंधली होने पर अभ्यर्थी के आधार कार्ड और अन्य पहचानपत्र के आधार पर चयन किया जाता है. जिस तरह से बैंकों में अनामिका शुक्ला के नाम से खाता खुलवाया गया, उससे माना जा रहा है कि आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज फर्जी तैयार कराए गए हैं. कोतवाली सोरों पुलिस ने बेसिक शिक्षा अधिकारी अंजलि अग्रवाल की तहरीर पर अनामिका के खिलाफ धोखाधड़ी एवं कूटरचित अभिलेख तैयार करने के मामले में धारा 420, 467 एवं 468 में मुकदमा दर्ज किया है.पुलिस अधीक्षक सुशील घुले ने कहा है कि जो बयान आरोपित जसवंत उर्फ विभव के द्वारा दिए गए हैं उनके आधार पर रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। जिससे संबंधित जनपदों में भी शिक्षा विभाग की जांच पड़ताल कराई जा सके।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

पत्रकारिता जगत के पितामा को आखरी सलाम

मेजर ध्यान चंद स्पोर्ट्स कॉलेज सैफई इटावा में मनाया गया खेल दिवस

मोरबी हादसे में मरने वालों की संख्या 145, 70 घायल, 50 से ज्यादा अब भी लापता