अयोध्या में ढांचा ध्वंस मामला : आडवाणी, जोशी और उमा भारती का बयान दर्ज होगा

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अयोध्या में ढांचा ढहाने के आपराधिक मामले में लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती का भी बयान दर्ज होगा। सीबीआई की विशेष अदालत ने सोमवार को यह निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि सीआरपीसी की धारा 313 का बयान दर्ज कराने के लिए जिस दिन उन्हें बुलाया जाएगा, वे तीनों अपनी व्यक्तिगत रूप से उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे।



विशेष जज सुरेंद्र कुमार यादव ने अपने आदेश में कहा है कि अभियुक्त आडवाणी, जोशी व उमा भारती की हाजिरी माफी जरिए वकील अग्रिम आदेश तक माफ है। उनकी हाजिरी माफी की यह अर्जी सर्शत मंजूर की गई थी। इस आदेश के साथ कि जब भी अपेक्षा होगी, वे अदालत में उपस्थित होंगे। चूंकि वर्तमान में इस मामले में अभियुक्तों का सीआरपीसी की धारा 313 का बयान दर्ज किया जा रहा है, ऐसे में उनका भी बयान दर्ज होगा। हालांकि अभी उनकी उपस्थिति के लिए कोई तारीख तय नहीं की गई है।
गौरतलब है कि वर्ष 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने इन तीनों के अलावा व कुछ अन्य अभियुक्तों के खिलाफ षडयंत्र रचने के मामले में विचारण का आदेश विशेष अदालत को दिया था। विशेष अदालत ने इस आदेश के अनुपालन में अभियुक्तों को जरिए समन तलब किया था। 30 मई 2017 को आडवाणी, जोशी व उमा भारती समेत अन्य अभियुक्त विशेष अदालत में हाजिर हुए तथा अपनी जमानत कराई। अदालत ने इसके बाद सभी अभियुक्तों पर आरोप तय किए। इसके बाद इन तीनों अभियुक्तों ने अर्जी दाखिल कर सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट की मांग की। अदालत ने उनकी यह अर्जी सशर्त मंजूर कर ली थी। कहा था कि जब भी अदालत अपेक्षा करेगी, उन्हें हाजिर होना होगा। अब चूंकि इस मामले में अभियुक्तों का सीआरपीसी की धारा 313 का बयान दर्ज हो रहा है। ऐसे में बतौर अभियुक्त बयान दर्ज कराने के लिए उनकी भी व्यक्तिगत उपस्थिति आवश्यक है। तभी अदालत उनसे उनकी निर्दोषिता के संदर्भ में सवाल कर सकेगी।
विशेष अदालत में इससे पहले अभियुक्त रामजी गुप्ता का सीआरपीसी की धारा 313 के तहत बयान दर्ज किया गया। अदालत ने अन्य अभियुक्तों के बयान के लिए नौ जून की तारीख तय की है। इस मामले में गुप्ता समेत चार अभियुक्तों का बयान दर्ज हो चुका है। अब 28 अभियुक्तों का बयान दर्ज होना बाकी है। कुल 32 अभियुक्तों का विचारण चल रहा है।


ये है मामला : 
छह दिसंबर, 1992 को ढांचा ढहाने के मामले में कुल 49 एफआईआर दर्ज हुई थी। एक एफआईआर फैजाबाद के थाना रामजन्म भूमि में एसओ प्रियवंदा नाथ शुक्ला जबकि दूसरी एसआई गंगा प्रसाद तिवारी ने दर्ज कराई थी। शेष 47 एफआईआर अलग-अलग तारीखों पर अलग-अलग पत्रकारों व फोटोग्राफरों ने भी दर्ज कराई थी। पांच अक्टूबर, 1993 को सीबीआई ने जांच के बाद इस मामले में कुल 49 अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। इनमें 17  की मौत हो चुकी है। लिहाजा अब लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, कल्याण सिंह व विनय कटियार समेत कुल 32 अभिुयक्तों के मामले की सुनवाई हो रही है।


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