सुशांत सुसाइड केस में सलमान, करन जौहर समेत आठ पर मुकदमा
सहयोगी पटना आवाम-ए-अजीज हिन्दी साप्ताहिक
पटना। सुशांत सिंह राजपूत के सुसाइड केस में बिहार के मुजफ्फरपुर में फिल्म जगत के आठ सेलेब्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा ने यह मुकदमा करन जौहर, आदित्य चोपड़ा, साजिद नाडियाडवाला, सलमान खान, संजय लीला भंसाली, भूषण कुमार एकता कपूर और दिनेश विजान के खिलाफ दर्ज कराया है। ओझा ने द्वारा इन सेलेब्स पर लगाये गये आरोप यदि साबित हो जाते हैं तो इन सभी को 10 वर्ष तक की जेल हो सकती है।
ओझा का आरोप है कि, ‘ये लोग जानबूझकर सुशांत की फिल्में रिलीज नहीं होने देते थे। फिल्म से जुड़े अवॉर्ड फंक्शन और दूसरे कार्यक्रमों में सुशांत को नहीं बुलाते थे। उसे किनारे करके रखते थे, जिससे मायूस और निराश होकर उन्होंने सुसाइड कर लिया।’
सुसाइड के लिए उकसाने का मामला
ओझा ने कहा है कि, ‘यदि ये आरोप सही साबित होते हैं तो सभी आरोपियों को 10 वर्ष तक की कैद हो सकती है।’ उन्होंने कहा कि, ‘आईपीसी की धारा 306 और 109 के तहत ‘केस कंप्लेन’ यानी परिवाद पत्र दाखिल हुआ है। ये धाराएं सुसाइड करने के लिए उकसाने की हैं।’
ओझा आगे कहते हैं कि, ‘सुशांत के हाथ से सात-आठ फिल्में छीनी गयी थीं। ये फिल्में कौन सी थीं, वह तो मैं देख कर बताऊंगा, लेकिन ये सच है कि ये फिल्में सुशांत के स्थान पर रणवीर सिंह और रणबीर कपूर को दे दी गयी थीं। इनमें एक फिल्म ‘पानी’ शेखर कपूर के साथ थी। उनकी फिल्मों की रिलीज तक में बाधाएं डाली जाती थीं।’
अधिवक्ता की मानें तो ‘उन्होंने ये सभी आरोप मीडिया में आयी खबरों को साक्ष्य मानकर लगाये हैं। इसके अलावा मुंबई से भी कई लोगों ने सोशल मीडिया पर संदेश के माध्यम से उन्हें जानकारी दी है।’ उन्होंने कहा कि, ‘इन साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट है कि सुशांत के साथ नाइंसाफी हो रही थी। ये सब साक्ष्य के रूप में उस वक्त से अदालत में मान्य हैं, जब से आईटी एक्ट लागू हुआ है।’
वे कहते हैं कि, ‘अखबार की खबर पढ़कर हाई कोर्ट संज्ञान ले सकती है। पहले भी लेती रही है। पहले नहीं था, मगर अब मोबाइल और टीवी के ऑडियो और वीडियो साक्ष्य के रूप में मान्य होते हैं। ऑडियो-वीडियो की जांच के लिए हैदराबाद में सेंटर भी बन चुका है। वहां यदि उन्हें सही पाया जाता है तो इन्हें साक्ष्य के रूप में कोर्ट में पेश कर सकते हैं।’
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