यूपी कई स्कूलों में नौकरी करने वाली असली अनामिका शुक्ला का अब तक नहीं लगा सुराग, ले चुकी है 12 लाख रुपये सैलरी
लखनऊ सहयोगी आवाम-ए-अजीज हिन्दी साप्ताहिक
यूपी के कासगंज में अनामिका शुक्ला के नाम से नौकरी करने वाली प्रिया के गिरफ्तार होने के बाद सुर्खियों में आए फर्जी शिक्षक मामले में रोज नए नए खुलासे हाे रहे हैं। प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी ने मंगलवार को लखनऊ में पत्रकार वार्ता कर बताया कि असली अनामिका शुक्ला अभी भी गिरफ्तार नहीं हुई है। पुलिस को उसकी तलाश है।
मंत्री सतीश द्विवेदी ने बताया कि इस मामले का खुलासा प्रेरणा एप्प के द्वारा हुआ। उन्होंने बताया कि सभी शिक्षकों का डेटा बेस तैयार किया जा रहा था। तबपकड़ में आया कि एक ही नाम और पते ही शिक्षिका कई जिलों में पढ़ा रहीं हैं। जांच किया गया तो पता चला कि अनामिका कहीं खुद जाती थी तो कहीं ज्वाइनिंग के बाद से अनुपस्थित चल रही थी। कुछ जगह अनामिका के नाम से दूसरी शिक्षक भी पढ़ती मिली। उन्होंने बताया कि सबसे पहले बागपत जिले के बड़ौत से यह मामला खुला। उन्होंने बताया कि वाराणसी, अलीगढ़, कासगंज, अमेठी, प्रयागराज, रायबरेली, सहारनपुर और अंबेडकर नगर में भी यह मामला पकड़ में आया है। प्रदेश के बेसिक शिक्षामंत्री सतीश द्विवेदी ने बताया कि प्रदेश के छह विद्यालयों से अनामिका शुक्ला के नाम पर 12,24,700 रुपये का भुगतान किया गया है। अनामिका शुक्ला अभी नही पकड़ी गई है।
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