दफन हुए कई राज खत्म हुआ विकास दुबे का किस्सा

आवाम ए अजीज हिन्दी साप्ताहिक 


आठ पुलिसकर्मियों का हत्या का आरोपी विकास दुबे एनकाउंटर में मारा गया। इस तरह विकास के आंतक का खात्मा हो गया। उसकी मौत के साथ ही कई राज दफन हो गए। बताया जा रहा है कि विकास अगर पूछताछ में मुंह खोल देता तो कई बड़े चेहरे बेनकाब हो जाते। उज्जैन पुलिस और एसटीएफ की टीमों ने उससे कल कई घंटों तक पूछताछ की थी। इसके बाद उसे यूपी भेजा गया था।  



महाकाल मंदिर में गिरफ्तारी के बाद विकास के नजदीकियों की बेचैनी बढ़ गई थी। विकास के मारे जाने के बाद भी उसकी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर मदद करने वाले लोग मुश्किल में फंस सकते हैं। बताया जा रहा है कि अगर विकास मुंह खोलता तो नेता, अफसर और अपराधी गठजोड़ का खुलासा हो जाता। जिससे कई मुश्किल में होंते। हिस्ट्रीशीटर के साथ रहने वाले, मदद करने वाले तमाम लोग अभी से पसीना-पसीना हो चुके थे कि विकास ने उनका नाम ले लिया तो पुलिस नींद हराम कर देगी। इस बात की संभावना भी थी कि विकास उन चेहरों को भी बेनकाब कर देगा जो सत्ता के गलियारे से इसकी मदद कर रहे थे।



कई नेताओं के संपर्क में था


पुलिस के साथ विकास दुबे के संबंधों के बारे में कुछ कहने की जरूरत नहीं। चौबेपुर थाने के निलंबित एसओ और बीट दरोगा केके शर्मा के खिलाफ एफआईआर और फिर गिरफ्तारी इसका सबूत है। विकास के राजनीतिक संबंधों को लेकर पूर्व में वीडियो जारी वायरल हुआ था। इसमें उसने सत्ताधारी नेताओं के अलावा जनप्रतिनिधियों का नाम लिया था।


धड़कनें बढ़ीं


विकास की गिरफ्तारी के बाद लखनऊ, कानपुर, मध्य प्रदेश में कई ऐसे बड़े लोगों की दिल की धड़कनें बढ़ा थी। उनका नाम सामने आने के बाद उनकी मुश्किलें तेजी से बढ़ेंगी। उन पर कानून का शिकंजा बढ़ सकता है। उन्हें अपने कनेक्शन के बारे में जानकारी देनी पड़ सकती है। 


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