कोरोना ने बिगाड़ी टीम इंडिया के पूर्व ओपनर उत्तर प्रदेश सरकार के होमगार्ड मंत्री चेतन चौहान की हालत, वेंटिलेटर पर रखे गए
आवाम ए अजीज हिन्दी साप्ताहिक
लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान की हालत बेहद गंभीर है। कोरोना संक्रमण पॉजिटिव के कारण लम्बे समय से संजय गांधी पीजीआइ में भर्ती रहे चेतन चौहान की किडनी ने काम करना बंद कर दिया है। उनको लखनऊ से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किया गया है, जहां पर उनको लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है।
कोरोना वायरस से संक्रमित उत्तर प्रदेश के होमगार्ड मंत्री चेतन चौहान को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है। उनको 11 जुलाई को कोरोना संक्रमण के कारण भर्ती कराया गया था। क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान की हालत गंभीर है। चौहान को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है। उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल में चौहान के पास सैनिक कल्याण, होमगार्ड, पीआरडी और नागरिक सुरक्षा मंत्रालय हैं। 11 जुलाई को कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद उनको संजय गांधी पीजीआई में एडमिट कराया गया था। इसके बाद उन्हेंं किडनी और ब्लड प्रेशर की समस्या शुरू हो गईं। इसके बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। अमरोहा से चेतन चौहान भाजपा के सांसद भी रहे हैं।चेतन चौहान भारतीय जनता पार्टी की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। चेतन चौहान भारतीय जनता पार्टी से लोकसभा सांसद भी रह चुके हैं। 1991 और 1998 के चुनाव में वह भाजपा के टिकट अमरोहा से सांसद बने थे। चेतन चौहान अमरोहा जिले की नौगांवा विधानसभा के विधायक हैं।
कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण कैबिनेट मंत्री कमल रानी का निधन हो गया था जबकि छह मंत्री अभी भी लखनऊ के संजय गांधी पीजीआइ में भर्ती हैं। कैबिनेट मंत्री ब्रजेश के साथ ही जल शकित मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह, राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह, उपेंद्र तिवारी, जय प्रताप सिंह व धर्म सिंह सैनी भी कोरोना संक्रमित हुए थे। राज्य के भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह भी कोरोना पॉजिटिव हुए हैं।
गावसकर के साथ चेतन चौहान की फेमस जोड़ी
चेतन चौहान ने साल 1969 से 1981 के दौरान 40 टेस्ट और 7 वनडे में टीम इंडिया का रिप्रेजेंट किया. उनकी सुनील गावसकर के साथ ओपनिंग जोड़ी बहुत पॉपुलर थी. गावसकर जहां एक छोर से टिक रहते थे वहीं, चेतन उनके जिम्मेदार साझीदार की भूमिका निभाते थे. चौहान के नाम टेस्ट क्रिकेट में अनूठा रिकॉर्ड है. वे पहले क्रिकेटर हैं जिन्होंने बिना किसी शतक के टेस्ट क्रिकेट में 2 हजार से ज्यादा रन बनाए हैं. हालांकि बाद में शेन वॉर्न ने 3 हजार से भी ज्यादा रन बिना शतक के बनाकर इस रिकॉर्ड पर कब्जा कर लिया.
भारतीय क्रिकेट टीम के लिए 40 टेस्ट मैच खेल चुके चेतन चौहान को 1981 में अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
राजनीति के पिच पर भी सफल
क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद चेतन ने पहले दिल्ली क्रिकेट की राजनीति में कदम रखा. दिल्ली क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष से लेकर कई भूमिकाओं में काम किया. साल 2007 के दौरान भारत के ऑस्ट्रेलिया टूर पर हरभजन सिंह और एंड्र्यू साइमंड्स के बीच हुई फेमस 'मंकीगेट' कांड के दौरान चौहान ही भारतीय टीम के मैनेजर थे. चौहान ने बाद में राजनीति के मैदान पर कदम रखा और दो बार अमरोहा से सांसद बने. फिर राज्य की राजनीति में उतर गए. फिलहाल चौहान योगी सरकार में होमगार्ड मंत्री हैं.
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