सैफई आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में मेडीकल कर्मियों ने कोरोना काल में मांगी जरूरी सुविधायें मांगों को लेकर कुलपति के नाम दिया 10 सूत्री ज्ञापन

24 घंटे में मांगे नहीं मानी गई तो हड़ताल करने की चेतावनी दी*

संवाद सहयोगी,सैफई: उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई में कार्यरत रेजिडेंट डॉक्टर एवं नर्सिंग स्टाफ ड्यूटी के दौरान मूलभूत सुविधाएं ना मिलने पर प्रशासनिक भवन का घेराव करते हुए कुलपति के नाम 10 सूत्रीय ज्ञापन देकर 24 घंटे में मांगे पूरी हो नही तो हड़ताल पर जाने की दी चेतावनी दी।

इनकी मांगों में कोविड महामारी के दौरान ड्यूटी पर कार्य करने में बड़ी असुविधा हो रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा मूलभूत सुविधाएं ग्लोबल गिल्प्स,पीपी किट,मास्क,हैंड वास,हैंड सैनिटाइजर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं

मेडिकल रिक्रूटमेंट,एक्स-रे,एवीजी ईसीजी आदि मशीनों की मरम्मत नहीं कराई जाए रही है। जिस कारण मरीजों का इलाज बेहतर तरीके से नहीं किया जा रहा है। विश्वविद्यालय में कार्यरत जो भी कार्मिक कोरोना संक्रमित हो रहे हैं उनके लिए अलग से वार्ड की कोई व्यवस्था अभी तक नही की गई है। कोविड- एंव नान कोविड के सभी स्टेशन को सुरक्षा दृष्टि से कवर किया जाए। संक्रमित कार्मिकों का वेतन रोक लिया जाता है। जिससे उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो जाती है। उसे तत्काल दिया जाए। सुविधाओं के अभाव में जो भी कार्मिक अपना उपचार अन्य अन्यत्र कराना चाहता है। उसे तुरंत कराया जाए हाल ही में स्टाफ नर्स रमेश को असुविधाओं के चलते जयपुर के निजी अस्पताल में इलाज लेना पड़ा। अस्पताल में श्रम शक्ति की अत्यधिक कमी है। तत्काल प्रभाव से भर्ती कराई जाए। कोविड- और नॉन कोविड- बैड को पूर्णतः पृथक करने के लिए अस्पताल में बैड लाया जाए जिससे कर्मिंको को संक्रमित होने से बचाया जा सके।कार्मिकों की आर्टी पीसीआर की रिपोर्ट को प्राथमिकता देते हुए 24 घंटे में दी जाए। चिकित्सा विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा उक्त मांगों को 24 घंटे के अंदर नहीं माना गया तो वह समस्त कार्मिक हड़ताल पर रहेंगे जिसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। सभी चिकित्सा विश्वविद्यालय में अव्यवस्थाओं के अंबार का इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है जब कार्यरत स्टाफ को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही है। मजबूरन सभी कार्मिक एक साथ होकर विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन का घेराव किया।

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