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सांसद खेल महाकुम्भ के समापन पर बोले अनुराग ठाकुर - बस्ती में खेल और खिलाड़ियों के लिए 50 करोड़ की योजना

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 बस्ती ( आवाम ए अज़ीज़ हिन्दी साप्ताहिक ) । सांसद खेल महाकुम्भ के समापन एंव पुरस्कार वितरण समारोह को वर्चुअल माध्यम से सम्बोधित करते हुए केन्द्रीय खेल एवं सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि शीघ्र ही बस्ती में उच्च तकनीकी सुविधाओंयुक्त इंडोर स्टेडियम की सुविधा खिलाडियों को उपलब्ध होगी। सांसद हरीश द्विवेदी के साथ-साथ वे स्वयं भी इसके लिए प्रयास कर रहे है। सांसद खेल महाकुम्भ के सफल आयोजन पर सांसद को बधाई देते हुए उन्होने कहा कि उप्र सरकार ने ओलम्पिक तथा पैरा ओलम्पिक खेल के पदक विजेताओं को सम्मानित कर तथा नकद पुरस्कार देकर सराहनीय कार्य किया है।  उन्होंने बस्ती जनपद में खेलों को बढ़ावा देने के लिए हरसम्भव मदद देने का आश्वासन दिया। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री स्वयं भी खेलो इंडिया खेलो तथा फिट इंडिया मूवमेन्ट के माध्यम से खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते है। उन्होंने कहा कि उप्र के कई जनपदों में खेल का सामान तैयार किया जाता है। इससे उप्र की अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनी है। विशेष रूप से उन्होने मेरठ में तैयार किये जा रहे क्रिकेट के बल्लों का उल्लेख किया। प्रद...

125 रूपये में जूता- मोजा,वो दुकान बता दो साहब, बच्चों के सवाल से दुकानदार हैरान,

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  आवाम ए अज़ीज़ हिन्दी साप्ताहिक गाजीपुर उत्तर प्रदेश 125 रुपये में स्कूली जूता और दो जोड़ी मोजा किस दुकान पर मिलेगा? बता दो साहब दुकान। यह सवाल है उन हैरान-परेशान परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों का, जिनके बैंक खाते में एक दिन पहले ही बच्चों के जूते-मोजे, ड्रेस, स्वेटर व स्कूल बैग के लिए सरकार ने 1100 रुपये भेजा है। अभिभावक वह पैसा लेकर बाजार में घूम रहा है, और सरकार द्वारा निर्धारित रेट पर जूता-मोजा व ड्रेस दुकानदारों से मांग रहा है, दुकानदार इतने कम पैसे में जूता-मोजा देने से मना कर दे रहे हैं। अब अभिभावक इसको लेकर कशमकश में हैं। पहले यह धन एसएमसी (स्कूल मैनेजमेंट कमेटी) के खाते में भेजी जाती थी। एसएमसी इसकी खरीदकर बच्चों में वितरित करती थी। इसमें समय अधिक लगता था। वहीं गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े होते थे। ऐसे में सरकार ने प्रक्रिया में बदलाव करते हुए अभिभावकों को पैसा देने की योजना शुरू की। पारदर्शिता के उद्देश्य से ड्रेस की धनराशि सीधे अभिभावकों के खाते में भेजने की प्रक्रिया शुरू की है। पिछले शनिवार को एक लाख 83 हजार 591 बच्चों का पैसा उनके अभिभावकों के खाते...