संदेश

दिसंबर, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

उत्तर प्रदेश के ये 45 विधायक नहीं लड़ सकेंगे चुनाव, एडीआर ने जारी की रिपोर्ट,

  प्रदेश समाचार आवाम ए अज़ीज़ हिन्दी साप्ताहिक प्रदेश के मौजूदा 396 में से 45 विधायकों के चुनाव लड़ने पर संशय है। एसोसिएट डेमोक्रेटिक रिफार्म (एडीआर) की शुक्रवार को जारी रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि मौजूदा 45 विधायकों पर एमपी-एमएलए कोर्ट में आरोप तय हो गए हैं। आरपी अधिनियम (रिप्रेजेन्टेशन ऑफ पीपुल एक्ट/लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम) 1951 की धारा 8(1), (2) और (3) के तहत सूचीबद्ध अपराधों में ये आरोप तय हुए हैं। इन मामलों में न्यूनतम छह महीने की सजा होने पर ये विधायक चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। एडीआर ने यह रिपोर्ट पहली बार जारी की है। यह महत्वपूर्ण इसलिए है कि सजा काटने और रिहाई के छह साल बाद तक विधायक चुनाव नहीं लड़ सकते। हालांकि चुनाव लड़ने की पात्रता या अपात्रता तय करने का अधिकार केन्द्रीय चुनाव आयोग के पास है। एडीआर के मुख्य समन्वयक डा संजय सिंह ने रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि इनमें भाजपा के 32, सपा के पांच, बसपा व अपना दल के 3-3 और कांग्रेस व अन्य दल का एक-एक विधायक शामिल है। इन 45 विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले लंबित रहने की औसत संख्या 13 वर्ष है। •32 विधायकों के खिलाफ दस साल या उस...

गुजरात के भावनगर के गांव घोघा मे शायद भारत कि लगभग 1400 साल पुरानी मस्जिद आज भी मौजूद है जिसका किबला रुख बैतूल मुक़दस की तरफ है...

चित्र
संपादकीय आवाम ए अज़ीज़ हिन्दी साप्ताहिक  गुजरात के भावनगर के गांव घोघा मे शायद भारत कि लगभग 1400 साल पुरानी मस्जिद आज भी मौजूद है जिसका किबला रुख बैतूल मुक़दस की तरफ है... इस मस्जिद का निर्माण अत्यंत जीर्ण अवस्था में है मस्जिद के अंदर लगभग 25 लोग एक साथ नमाज पढ़ सकते है मस्जिद में 12 पिलर्स है जिस पर मस्जिद कि छत का निर्माण टिका हुआ है छत के ऊपर गुंबद तथा मस्जिद कि दीवारे भी नक्खाशीदार है और मस्जिद के मेहराब पर अरबी में ‘ بسم الله الرحمن الرحيم कि नक्काशी उस दौर कि है पृथ्वी के मुख पर यह एकमात्र मस्जिद भी हो सकती है जिसका रुख बैतुल मुक़द्दस कि तरफ है 7 वीं सदी के प्रारंभ में यहा पर पहले अरब व्यापारी समुद्र के रास्ते से उतरे थे और तब यहाँ उन्होंने इस मस्जिद का निर्माण किया था यह वह समय था जब मक्का कि जगह किबला रुख यरूशलेम था यह प्राचीन मस्जिद जिसे स्थानीय रूप से जूनी मस्जिद के रूप में जाना जाता है यह मस्जिद भारत की अन्य सभी मस्जिदों से मिलती झुलती है जिसके मेहराब का सामना मक्का कि तरफ है इस प्राचीन मस्जिद में सबसे पुराना अरबी शिलालेख आज भी है और आज मस्जिद बरवाड़ा तँजीम की देखरेख में...